कोरोना की वैक्सीन पर लगा बड़ा झटका: आखिरी चरण में रोका गया वैक्सीन का ट्रायल !

वैक्सीन की दौड़ में आगे चल रही ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की इस वैक्सीन के ट्रायल को एक मरीज की तबीयत खराब होने की वजह से रोका गया है।

भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इस वैक्सीन के ट्रायल कर रहा है। भारत में भी एस्ट्राजेनेका के ट्रायल रोक दिए गए हैं। बता दें कि एस्ट्राजेनेका का इंग्लैंड और भारत में दूसरा और तीसरा चरण एक साथ चल रहा था। ब्राजील, साउथ अफ्रीका और अमेरिका के 60 शहरों में तीसरा चरण चल रहा है।

यूनाइटेड किंगडम में एक मरीज में साइड इफेक्ट्स सामने आने के बाद तीसरे चरण को कंपनी ने रोक दिया है। इस केस को मेडिकल बोर्ड के पास भेज दिया गया है जो ये देखेगा कि मरीज को वैक्सीन से बीमारी हुई है या इसके पीछे कोई और वजह है।

बीते बुधवार को रुका वैक्सीन का ट्रायल

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्टीट्यूट को नोटिस जारी कर पूछा था कि जब कंपनी ने विदेशों में साइड इफेक्ट पाए जाने पर ट्रायल रोका है तो भारत में ट्रायल क्यों नहीं रुके। भारत में 17 जगहों में 1600 लोगों पर ट्रायल चल रहे थे जिसे बुधवार को रोकने का फैसला कर लिया गया।

सीरम इंस्टीट्यूट ने एक स्टेटमेंट में कहा कि भारत में हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। एस्ट्राजेनेका का ट्रायल दोबारा शुरू होने तक भारत में भी परीक्षण रोक दिए गए हैं। हम डीसीजीआई के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।

ट्रायल को रोकना एक रुटीन प्रक्रिया

डॉ पुनीत मिश्रा का कहना है कि इस वैक्सीन को बना रही कंपनी के मुताबिक ट्रायल को रोकना एक रुटीन प्रक्रिया है। कई बार वॉलंटियर दूसरी वजहों से भी बीमार पड़ सकते हैं, मगर इसकी समीक्षा होनी भी जरूरी है। भारत को सबसे ज्यादा उम्मीद भारत बायोटेक और आईसीएमआर की को-वैक्सीन से रखनी चाहिए, क्योंकि इसके परीक्षण भारतीय वॉलंटियर पर चल रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.