मोदी सरकार ने बढ़ाया फसलों का समर्थन मूल्य।

कृषि सुधार विधायकों के मुद्दे के कारण देशभर में हो रहे विरोधो को देखते हुए मोदी सरकार ने रबी का समर्थन मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। एमएसपी बढ़ाई गई फसलों में गेहूं व चना जैसी फसलें भी है। अगर बात की जाए गेहूं की उपज की तो पंजाब व हरियाणा में सबसे गेहूं उगाई जाती है। और बता दें कि यही वह दो राज्य है जहां कृषि सुधार विधायकों को लेकर प्रर्दशन किए जा रहे हैं। किसानों में बड रही इस नाराजगी को कम करने के लिए मोदी सरकार के द्वारा गेहूं पर एमएससी बढ़ाया गया है।

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सरकार द्वारा गेहूं पर एमएससी 50 रुपए प्रति क्विंटल के दर से बढ़ाया गया है। एमएससी पर हुई बढ़त के साथ इस रबी के सीजन भारत में गेहूं के एक क्विंटन की कीमत 1975 रुपए आंकी गई है। गेहूं के बाद पंजाब व हरियाणा में दुसरी सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल सरसों है, सरकार द्वारा सरसों पर 225 प्रति क्विंटल के दर से बढ़ोतरी की गई है, इस बढ़ोतरी के साथ सरसों की एमएससी 4650 प्रति क्विंटल हो गई है। चना और दाल पर भी न्युनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई जिसके साथ चने पर 225 रुपए व दाल पर 300 की वृद्धि की गई है।

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सरकार का इस बढ़ोतरी पर यह बयान रहा की प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में इस न्युनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही देशभर में अलग-अलग जगहों पर कृषि विधेयकों को लेकर सरकार सड़कों पर उतर आए हैं। इस विरोध में सबसे बड़ा मुद्दा एमएससी को बताया गया है। दरअसल किसानों का आरोप है कि सरकार ने नए बिल में एमएसपी को शामिल नहीं किया है और इस पर स्पष्टता भी नहीं है। यही वजह है कि किसानों को एमएसपी व्यवस्था के खत्म होने का डर सता रहा है। हालांकि सरकार साफ कर चुकी है कि एमएसपी की व्यवस्था पहले की तरह ही लागू रहेंगी।

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